
पसीना आना इंसान के सबसे जरूरी बॉडी फंक्शंस में से एक है. यह बॉडी टेम्प्रेचर को कंट्रोल रखता है. इसके अलावा पसीने के और भी कई फायदे हैं.
इसके महत्व के बावजूद, पसीने का स्मेल और गीलापन लोगों को परेशान करता है. हालांकि ज्यादातर बॉडी पार्ट पसीना छोड़ते हैं, लेकिन बूब स्वेट महिलाओं को अक्सर सबसे ज्यादा परेशान करता है.
यह आर्टिकल बूब स्वेट के कारणों और इससे निजात पाने के तरीकों से संबंधित है.
बूब्स के नीचे आने वाले पसीने को ब्रेस्ट स्वेट कहा जाता है. यह आमतौर पर गर्म और उमस भरे मौसम में आता है. साथ ही, एक्सरसाइज या अन्य फिजिकल एक्टिविटीज बूब स्वेट की मात्रा को बढ़ा सकते हैं..
अक्सर, शरीर के अन्य पार्ट्स का पसीना कपड़े सोख़ लेते हैँ या हवा से सूख जाता है. यह स्किन को ड्राई रखने में मदद करता है. हालांकि, महिलाएं ब्रा पहनती हैं, जो बूब स्वेट को कपड़े से सोखने या नेचुरली हवा में सूखने को मुश्किल बना देता है.
ज्यादा गीलापन अनइजी महसूस कराता है और अक्सर रेशेश और रेड निशान छोड़ जाता है.
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स्वेटिंग एक नेचुरल फिनोमिना है और यह बहुत जरूरी है. यह उमस भरे मौसम में शरीर को ठंडा रखता है. जब गर्मी पड़ती है, तो आपकी बॉडी ब्रेन को सिग्नल भेजती है और स्किन की सतह पर मॉइस्चर छोड़ने लगती है. जब यह मॉइस्चर सूख जाता है तो यह शरीर को ठंडा कर देता है. यह मैकेनिज़्म पूरी बॉडी के टेम्प्रेचर को बनाए रखने में मदद करता है.
अक्सर शरीर के अन्य हिस्सों से पसीना सूख जाता है. लेकिन स्किन के फोल्ड्स और क्लीवेज के कारण बूब्स के केस में ऐसा नहीं है. यहां से एक्सेस मॉइस्चर नहीं जाता है, जिससे महिलाओं को स्वेटी ब्रा झेलनी पड़ती है.
सामान्यतः, पसीने में स्मेल नहीं आती है. हालांकि, यह स्मेल स्किन पर बैक्टीरिया के साथ इसके मिलने से पैदा होती है. अत: ज्यादा बैक्टीरिया वाले बॉडी पार्ट्स में पसीना आने पर ज्यादा स्मेल आती है. इनमें कमर, बगल और निप्पल के आसपास का एरिया शामिल है.
मैं अपने ब्रेस्ट के नीचे आने वाले पसीने को कैसे रोक सकती हूं?
पसीना ह्यूमन बॉडी का एक नेचुरल मैकेनिज़्म है जिसे रोका नहीं जा सकता. जैसे ही बॉडी कमरे के बड़े हुए टेम्प्रेचर को महसूस करने लगती है , तो उसे पसीना आने लगता है. हालांकि, लाइफस्टाइल बदलने से बूब स्वेट की स्मेल को कम किया जा सकता है.
उन महिलाओं के लिए जो जानना चाहती हैं कि अपने ब्रेस्ट के नीचे पसीने को कैसे रोका जाए, इसमें नीचे दिए गए टिप्स मदद कर सकते हैं:
स्किन-टाइट कपड़ों में हवा पास नहीं हो पाती हैं, जिससे कपड़े और स्किन के बीच पसीना फसने लगता है. पसीने को हवा में नेचुरली सुखाने के लिए महिलाओं को ढीले-ढाले कपड़े पहनने की कोशिश करनी चाहिए. इसके अलावा, गद्दीदार ब्रा गर्मी के मौसम में बिल्कुल भी नहीं पहननी चाहिए क्योंकि इससे ब्रा बदबूदार पसीने से भर सकती हैं.
एंटीपर्सपिरेंट्स न केवल अंडरआर्म स्वेट बल्कि बूब स्वेट से भी निजात पाने में काफी मददगार हो सकते हैं. ज्यादा पसीने से बचने और फ्रेश स्मेल बनाए रखने के लिए महिलाएं ब्रेस्ट के नीचे और क्लीवेज पर अच्छे से एंटीपर्सपिरेंट लगा सकती हैं.
मेकअप हटाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कॉटन पैड का इस्तेमाल ब्रा को लाइन करने के लिए भी किया जा सकता है. यह पसीने को सोखने में मदद तो करता है, पर यह केवल टेम्पररी रिलीफ ही देता है. बूब स्वेट से पूरे दिन प्रोटेक्टेड रहने के लिए महिलाएं ब्रा के अंदर पैंटी लाइनर्स चिपका सकती हैं. इससे निश्चित ही ब्रेस्ट स्वेट-फ्री हो जाएगा और पसीने के धब्बे भी दिखाई नहीं देंगे .
वर्कआउट के बाद सीधे काम या खरीदारी करने जाने वाली महिलाओं के लिए, पहले इसे चेंज कर लेना ही समझदारी है. स्वेटी ब्रा (पसीने से भीगी ब्रा) को बदल कर नई ब्रा पहनने से ब्रेस्ट को फ्रेश और इचिंग-फ्री रखने में मदद मिलेगी.
अब्सॉर्बेंट टैल्कम पाउडर बहुत फायदेमंद हो सकते हैं
कभी-कभी, साधारण सा उपाय बढ़िया काम कर जाते हैं. स्वेटी ब्रा वाली महिलाएं बेचैनी से निजात पाने के लिए अब्सॉर्बेंट टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल कर सकती हैं. टैल्क में मौजूद कॉर्नस्टार्च न केवल बूब स्वेट को सोखता है बल्कि रगड़ को भी रोकता है, जिससे फंगल इंफेक्शन की संभावना कम हो जाती है.
रैशेस की संभावना को कम करने के लिए स्किन बैरियर क्रीम एक बढ़िया तरीका है. अतिरिक्त बूब स्वेट का सामना करने वाली महिलाएं इसे ब्रेस्ट और क्लीवेज के नीचे अच्छे से लगा सकती हैं. हालांकि यह पसीने को कम तो नहीं कर सकता है, लेकिन ज्यादा मॉइस्चर के कारण होने वाले रैशेस और इरिटेशन को रोक सकता है. ऐसी खाने की चीजों से परहेज करें जिससे ज्यादा और बदबूदार पसीना आता है शराब और कैफीन जैसे कुछ ऐसी खाने-पीने की चीजें हैं जिससे बॉडी में ज्यादा पसीना आता है. जो महिलाएं बहुत ज्यादा बूब स्वेट से परेशान रहती हैं, वह अपनी डाइट से इन खाने-पीने की चीजें हटाने की कोशिश कर सकती हैं.
ब्रेस्ट स्वेट के अधिकांश केसेस में ऊपर दिए गए तरीकों से निजात पाई जा सकती है. हालांकि, अगर बहुत ज्यादा पसीने की समस्या ठंडे मौसम में भी बनी रहती है, तो इसकी वजह आपके अंदर ही कोई हेल्थ इश्यू हो सकता है. ऐसे केसेस में, एक डर्मेटोलॉजिस्ट ही इन चीजों को स्पष्ट करने में मदद कर सकता है.
1. Baker LB. (2019). Physiology of sweat gland function: The roles of sweating and sweat composition in human health. Temperature (Austin).
2. An JK, Woo JJ, Hong YO. (2019). Malignant sweat gland tumor of breast arising in pre-existing benign tumor: A case report. World J Clin Cases.
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